न मत कहिये
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जिन्दगी को कभी भी
न मत कहिये
चाहे आप ज़िन्दगी से
खुश हों या नाख़ुश
ज़िंदगी हमेशा आपको
बेहतर ढंग से
जीने का अवसर देती है
गिला- शिक़वा करने की बजाय
संतुष्ट रहने का प्रयास कीजिये
ज़िंदगी आपको अवसर देगी
कैक्टस में फ़ूल सरीखा
खिलने का
अगर आप विश्वास
क़ायम रखेंगे ख़ुद में
और सृष्टिकर्ता में/
@रजनी छाबड़ा
बहु भाषीय कवयित्री व् अनुवादिका
20 /2/2026
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