Friday, February 20, 2026

न मत कहिये

  

न मत कहिये 

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जिन्दगी को कभी भी 

न मत कहिये 

चाहे आप ज़िन्दगी से 

खुश हों या नाख़ुश 

ज़िंदगी हमेशा आपको 

बेहतर ढंग से 

जीने का अवसर देती है 


गिला- शिक़वा करने की बजाय 

संतुष्ट रहने का प्रयास कीजिये 

ज़िंदगी आपको अवसर देगी 

कैक्टस में फ़ूल सरीखा

खिलने का 

अगर आप विश्वास 

क़ायम रखेंगे ख़ुद में 

और सृष्टिकर्ता में/


@रजनी छाबड़ा 

बहु भाषीय कवयित्री व् अनुवादिका 

20 /2/2026