मन का क़द
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सपने तो वो भी देखते हैं
दृष्टि विहीन हैं जो
किस्मत तो उनकी भी होती है
जिनके हाथ नहीं होते
हौंसले बुलन्द हो ग़र
बैसाखियों पर चलने वाले भी
जीत लेते हैं
ज़िन्दगी की दौड़
मन का क़द
ऊंचा रखिये
काया तो आनी जानी है
यह दुनिया फ़ानी है
ज़िंदगी की
यही कहानी है/
रजनी छाबड़ा
6/12/2023

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