Expression
Wednesday, August 12, 2026
सीप की आगोश में
सीप की आगोश में
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ख़ुद को हारा, तुम्हें जीता
प्यार का यही है सलीक़ा
प्यार के सागर में
गहरे डूब कर ही
मिलता किनारा
पावस की बूँद
सिमटी रहती है
सीप की आगोश में
प्यार के सच्चे मोती सी
पनपने के लिए /
@रजनी छाबड़ा
कवयित्री व् गीतकार
12/8/2026
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