Wednesday, May 3, 2023

बात सिर्फ इतनी सी : श्री राम शरण अग्रवाल जी की पाठकीय प्रतिक्रिया

 



 श्री राम शरण अग्रवाल जी की  पाठकीय प्रतिक्रिया


जीवन को अनुभव से अनुभूति तक जीने की अभिव्यक्ति का स्पर्श शब्दातीत होता है और सुश्री रजनी इसे इतनी सहजता से कहती हैं कि उसका एहसास हम जैसों के मन में जीवंत रहता है: ओस के गिरने की आवाज नहीं होती, हिमखंड के गलने में स्व का विलय होता, विषाद नहीं!

इनकी रचना से इस सबकुछ के लिए इनका आभारी हूं।

सादर

राम शरण अग्रवाल


मेरी अनुदित कृति SWAYAMPRABHA : श्री राम शरण अग्रवाल जी की पाठकीय प्रतिक्रिया

 मित्रों , आप सब के साथ सांझा कर रही हूँ मेरी नवीनतम अनुदित कृति SWAYAMPRABHA पर मेरे सुधि मित्र श्री राम शरण अग्रवाल जी की पाठकीय प्रतिक्रिया/

स्वयंप्रभा' मिली।
आभारी हूँ आपका आपके स्नेह भाव के लिए।
भारत में भारतीय विरासत के जीवंत रहने का एक निर्णायक कारण है संवाद की सहजता। बुद्ध से तुलसी तक यह परंपरा साहित्य का श्रृंगार बन गयी। मीरा, कबीर,बिहारी ने इसे नए आयाम दिए। प्रस्तुत रचना ने, कविताओं ने मुझे भाव विभोर किया है,उसमें अभिव्यक्ति की सहजता, मनोभावों का प्रवाह, अंत: स्पर्श बन जाता है।
प्रस्तुत पुस्तक की प्रकृति और प्रस्तुति तथा अनुवाद में यह सब कुछ अक्षुण्ण है।
मानस के उद्धरण कहीं न कहीं मुझे स्वनामधन्य अज्ञेय का स्मरण कराते हैं, उनकी पंक्ति है " विगत हमारे कर्मों का लक्ष्य नहीं है परंतु उसकी अनिवार्य पृष्ठभूमि तो है।"
यदि ऐसा नहीं होता तो न " Path" होता और ना ही " The Earth"
यह भी शाश्वत है कि " They have been shown as victorious; but ultimately, they are being conquered by our moral attributes."
पुस्तक के आमुख से।
यह तो हमारा प्राण तत्त्व है।
आभार रचनाकार का।
आमुख मुझे प्रसिद्ध हिन्दी साहित्यकार आचार्य चतुरसेन शास्त्री के एक शीर्षक की याद दिलाता है ' दुखवा कासे कहूँ सजनी": मेरा विनीत भाव यह है कि ऐसे आमुख रचनाकार,रचना और पाठक के बीच सुगंध और वायु की तरह संचार संवाद करते हैं। यह मुझे प्रिय है।
The Sky gives us a most relevant message that of Jatayu Vriti.
एक सोच जो परिवार से राष्ट्र तक के जीवन को जीवंत रखती रही है।
परिवर्तन के नाम पर हम स्वयं पर प्रहार कर बैठते हैं, मानो
" All of them abruptly
Reached a region
That was totally
Devoid of vegetation."
- Swaymprabha
एक पाठक का सादर कृतज्ञता भाव से धन्यवाद स्वीकार करें।
सादर
राम शरण अग्रवाल
( Unedited clipping sent by him to me on messenger)
राम शरण अग्रवाल
( Unedited clipping sent by him to me on messenger)
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Monday, May 1, 2023

प्रस्तावना : बात सिर्फ इतनी सी


 प्रस्तावना : बात सिर्फ इतनी सी 

सपनों का वितान और यादों का बिछौना/ नहीं रहता इनसे अछूता/ मन का कोई भी कोना/  

जीवन की छोटी छोटी खुशियाँ और यादों के मधुबन हमारी अमूल्य निधि हैं/ रिश्तों की गरिमा, अपनों का सानिध्य, अस्तित्व की पहचान और सौहार्द पूर्ण  सह-अस्तित्व यही तो ताने -बाने हैं हमारे सामाजिक परिवेश के/ यदि यही सामजिक ताना -बाना तार-तार होने के कगार पर हो, कवि का संवेदनशील मन अछूता कैसे रह पायेगा/ यही अनुभूतियाँ कलमबद्ध करने का प्रयास किया है, अपनी काव्य-कृति 'बात सिर्फ इतनी सी' के माध्यम से/

बचपन से लेकर उम्र के आख़िरी पड़ाव तक का सफर, बहुआयामी चिंताएं, अन्याय, उत्पीड़न, नगरीकरण का दबाव, अपनी माटी की महक, जीवन मूल्यों के प्रति निष्ठा, संस्कारों के प्रति आस्था, अबोले बोल और आकुलता ऐन्द्रिय धरातल पर कुछ बिम्ब बनाते  हैं/ इन्हे शब्दों का रूप दे कर उकेरा है/ 

जो दूसरों के दर्द को 

निजता से जीता है 

भावनाओं और संवेदनाओं को 

शब्दों में पिरोता है 

वही कवि कहलाता है 

यही दायित्व निभाने की कोशिश की है, अपनी रचनाओं के माध्यम से/ इन कविताओं का मूल्यांकन मैं अपने सुधि पाठकों पर छोड़ती हूँ/ आपकी प्रतिक्रिया की प्रतीक्षा रहेगी/

रजनी छाबड़ा 
बहु-भाषीय कवयित्री व् अनुवादिका 

Tum Likha Mt kro: Lakshay

 तुम लिखा मत करो

तुम खुद कविता हो,,,,

जीने के लिए

बहती सरिता हो,,,


जब भी देखा हूँ तुम्हें

शब्द उगने लगते हैं

नज़्मों में जज़्बात मचलते हैं

हर  एहसास मोंगरे सा महकता है

तुम लिखा मत करो,,,


मेरी नज़्मों को साँस देती हो

हर्फ़ दर हर्फ़ तुम बहती हो

मेरी उलझनों में 

जीती जागती गीता हो

तुम लिखा मत करो,,,


मेरे स्पंदन में खुद को ढूंढो

 जज्बातों के दरिया में मुझे पढ़ो

 मेरे एहसासों में जीती हो,

मेरी यादों में जगमगाती हो

तुम लिखा मत करो,,,


एहसास हों या जज़्बात हों

तुम्हारे संग

शब्द अर्थ खोने लगते हैं

तुम मेरी अप्रितम कला मोनालिसा हो

तुम लिखा मत करो,,,


लक्ष्य@myprerna

Wednesday, April 26, 2023

  जड़ों से नाता 

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बस्ती में रह कर भी 

लगता वीराना है 

मन में अभी भी 

गाँवों की यादों का 

आशियाना है 


सन सन बहती 

ठंडी हवा  

अमराइयों में

कोयल की कूक 

नदिया का 

स्वच्छ , शीतल जल 

बहता कलकल 

याद कर के 

मन होता आकुल 


चूल्हे की 

सौंधी आंच पर  

राँधी गयी दाल 

अंगारो पर सिकी 

फूली -फूली रोटियां 

बेमिसाल 

नथुनों तक पहुँचती खुशुबू 

भड़का देती थी भूख 


शहरी ज़िंदगी की 

उलझनों में व्यस्त 

दिन भर की थकान से पस्त 

दो कौर खाना हलक से 

नीचे उतारने से पहले 

कई बार ज़रूरत रहती है 

एपीटाईज़र की 


बच्चे खाना खाते हैं 

टी वी में आँखें गढ़ाए 

उन्हें परी देश की कहानियां 

अब कौन सुनाये 


ए सी और कूलर की हवा 

नहीं है प्राकृतिक हवा की सानी 

खुली छत पर सोना मुमकिन नहीं 

नहीं देख पाते अब 

तारों की आँख मिचौली 

चँदा की रवानी 


बढ़िया होटल में 

खाना आर्डर करते हुए 

अब भी तुम मंगवाते हो

धुआंदार 'सिज़लर '

तंदूरी रोटी 

मक्खनी दाल 

दाल -बाटी चूरमा 

मक्की की रोटी 

सरसों का साग 

मक्खन , छाछ 

धुंए वाला रायता 

याद है तुम्हे अभी भी 

इन का ज़ायका  



रोज़ी रोटी की जुगाड़ में 

कहीं भी बसर करे हम 

नहीं टूट सकता जड़ों से नाता 



मेरी मौलिक व् अप्रकाशित रचना मधुमती में प्रकाशन हेतु 

रजनी छाबड़ा 

बहू भाषीय कवयित्री व् अनुवादिका 


Saturday, April 15, 2023

अन्य साहित्यिक उपलब्धियाँ: रजनी छाबड़ा

  अन्य साहित्यिक उपलब्धियाँ 

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मेरे हिंदी काव्य-संग्रहों के अनुवाद 
होने से न  होने तक:  पंजाबी में  (भाषांतरण  तेजिंदर सिंह चंडीहोक ) वर्ष 2018 
होने से न होने तक: मैथिली में (भाषांतरण  डॉ.शिव कुमार) प्रकाशनाधीन 


 पिघलते हिमखंड : पंजाबी में (भाषांतरण  तेजिंदर सिंह चंडीहोक) 2019
 पिघलते हिमखंड : मैथिली में (भाषांतरण  डॉ.शिव कुमार) 2018

उक्त दोनों काव्य -संग्रह से चयनित कविताओं का ९ भारतीय भाषाओं में अनुवाद विभिन्न पत्रिकाओं में प्रकाशित 

मेरा प्रथम इंग्लिश काव्य संग्रह 'Mortgaged', बांग्लादेश में डॉ. श्यामल कुमार मजूमदार द्वारा बांग्ला में अनुदित व् राजस्थानी में इसमें से चयनित कवितायेँ 'थे सुने हे कीं  माँ ' शीर्षक से, रवि पुरोहित द्वारा अनुदित व् साक्षरता मिशन के  द्वारा 2020 में प्रकाशित 

 हिंदी, पंजाबी व् राजस्थानी से 16  काव्य संग्रह का मेरे द्वारा इंग्लिश भाषा में अनुवाद 
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मूल कवि व् पुस्तक                                                       

1 . आकांक्षा : डॉ. संजीव कुमार   (हिंदी)                             
    अनुदित:   Aspiration   

2.  उतरूं ऊंठे कालजे : रवि पुरोहित (राजस्थानी)                
   अनुदित: Fathoming Thy Heart 

3. कीं ता बोल : डॉ श्याम महर्षि   (राजस्थानी )                 
   अनुदित: Vent Your Voice 

4 . एक रात धूप में : राजेन्द्र पी जोशी (हिंदी)    
    अनुदित : A Night in Sunlight                                

5.  काव्य संकलन : डॉ  दिनेश  धर्मपाल  (हिंदी) 
    अनुदित: Initiation 

6 . संकलन : डॉ.अमरजीत सिंह कौंके  (पंजाबी)
    अनुदित Reveries 

7 . पाछे कुण आसी : डॉ. नीरज दइया  (राजस्थानी )
     अनुदित : Language Fused in  Blood 

 8. पूर्णमिदम नाटक : डॉ लक्ष्मी नारायण रंगा (राजस्थानी )
       अनुदित : Purnmidam  

9.  स्वयंप्रभा  काव्य-खंड : डॉ उद्भ्रांत शर्मा (हिंदी) 
      अनुदित :  Swayamprabha 

 10.  कागज़ पर सूरज : ओम पुरोहित 'कागद' ( राजस्थानी व हिंदी   )
       अनुदित : The Sun on Paper 
   
11 .  काव्य  संकलन  : सांवर दइया ( राजस्थानी )  
      अनुदित :  In the Art Gallery of my Heart 

12 . अभिशप्त क्यों : डॉ. दिनेश धर्मपाल  (हिंदी )
       अनुदित: Accursed 

13 . राजस्थान  के 51 कवियों की रचनाओं का संकलन (राजस्थानी)
      अनुदित : Across the Border 

14 . राजस्थान की 25 कवयित्रियों की रचनाओं का संकलन (राजस्थानी)
       अनुदित : Sky is the Limit 

15 .  रूह को पनाह : डॉ. अंजु दुआ जैमिनी (हिंदी )
        अनुदित :  Refuge to Soul (प्रकाशनाधीन)

16 .  काव्य संकलन : शकुंतला शर्मा (हिंदी व् राजस्थानी )
         अनुदित : Let the Birds Chirp (प्रकाशनाधीन)


अन्य 
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यू जी सी जर्नल्स (मेरठ विश्वविद्यालय के)Ruminations व् Glimpses की सम्पादकीय टीम सदस्य 

इंडियन लिटरेचर व् भारतीय अनुवाद परिषद् में राजस्थानी से इंग्लिश अनुदित रचनाएँ व् पुस्तक समीक्षा इंडियन लिटरेचर में  प्रकाशित 

इंटरनेशनल डायरेक्टर 20 ( वर्ल्ड यूनियन ऑफ़ पोएट्स )

1991 से 2010 तक आकाशवाणी , बीकानेर के महिला जगत से  निरंतर काव्य पाठ प्रसारण 

रजनी छाबड़ा 

पुरस्कार /सम्मान का नाम व् वर्ष

पुरस्कार /सम्मान का नाम व् वर्ष 

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1. श्रीनाथद्वारा साहित्य मंडल द्वारा सम्मानित,वर्ष 2000 

2 . अंतर्राष्ट्रीय कवि  सम्मेलन , 2013 कोलकाता में भागीदारी 

 3  साहित्य सृजन अवार्ड, 2016  एस आर ऍम  यूनिवर्सिटी  चैन्नई 

4 . सत्यशील ज्ञानोदय द्वारा गंगा कावेरी काव्य समागम, राष्ट्रीय स्तर सम्मान , चेन्नई 2016 

5 . प्राइड ऑफ़ वीमेन (आगमन संस्था , देहली ) 2018 , 

6 . नारी गौरव सम्मान 2019 ( मेरठ से)

7 .  ग्लोबल एम्बेसडर ऑफ़ वर्ल्ड पोएट्री, 2019 (वर्ल्ड पोएट्री कॉन्फ्रेन्स , भटिंडा) 

8 .  राष्ट्रभाषा प्रचार समिति, डूंगरगढ़ द्वारा 2021 में राजस्थानी से इंग्लिश अनुवाद के लिए                          राजस्थली अलंकरण से सम्मानित 

9 .  कालीचरण मिश्र अनुवाद रत्न सम्मान, 2022, इंडिया नेटबुक्स व् बी पी ए फाउंडेशन द्वारा प्रदत 


You tube channel : therajni 56


अन्य साहित्यिक उपलब्धियाँ 
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मेरे हिंदी काव्य-संग्रहों के अनुवाद 
होने से न  होने तक:  पंजाबी में  (भाषांतरण  तेजिंदर सिंह चंडीहोक ) वर्ष 2019 
होने से न होने तक: मैथिली में (भाषांतरण  डॉ.शिव कुमार) प्रकाशनाधीन 


 पिघलते हिमखंड : पंजाबी में (भाषांतरण  तेजिंदर सिंह चंडीहोक)
 पिघलते हिमखंड : मैथिली में (भाषांतरण  डॉ.शिव कुमार) प्रकाशनाधीन 

उक्त दोनों काव्य -संग्रह से चयनित कविताओं का ९ भारतीय भाषाओं में अनुवाद विभिन्न पत्रिकाओं में प्रकाशित 

 हिंदी, पंजाबी व् राजस्थानी से 15  काव्य संग्रह का मेरे द्वारा इंग्लिश लक्ष्य भाषा में अनुवाद 
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मूल कवि व् पुस्तक                                                       

1 . आकांक्षा : डॉ. संजीव कुमार   (हिंदी)                             
अनुदित:   Aspiration   

2.  उतरूं ऊंठे कालजे : रवि पुरोहित (राजस्थानी)                
अनुदित: Fathoming Thy Heart 

3. कीं ता बोल : डॉ श्याम महर्षि   (राजस्थानी )                 
अनुदित: Vent Your Voice 

4 . एक रात धूप में : राजेन्द्र पी जोशी (हिंदी)    
   अनुदित : A Night in  Sunlight                                

5. संकलन : डॉ  दिनेश  धर्मपाल  (हिंदी) 
    अनुदित: Initiation 

6 . संकलन : डॉ.अमरजीत सिंह कौंके  (पंजाबी)
    अनुदित Reveries 

7 . पाछे कुण आसी : डॉ. नीरज दइया  (राजस्थानी )
     अनुदित : Language Fused in  Blood 

 8.  कागज़ पर सूरज : ओम पुरोहित 'कागद' (हिंदी )
अनुदित : The Sun on Paper 
   
9.  संकलन  : सांवर दइया ( राजस्थानी )  
      अनुदित :  In the Art Gallery of my Heart 

10. संकलन : डॉ. दिनेश धर्मपाल  (हिंदी )
       अनुदित: Accursed 

11. राजस्थान  के 51 कवियों की रचनाओं का संकलन (राजस्थानी)
      अनुदित : Across the Border 

12. राजस्थान की 25 कवयित्रियों की रचनाओं का संकलन (राजस्थानी)
       अनुदित : Sky is the Limit 

13 .पूर्णमिदम : नाटक ; डॉ लक्ष्मी नारायण रंगा (राजस्थानी )
       अनुदित : पूर्णमिदम ( किंडल डायरेक्ट पब्लिशिंग पर उपलब्ध )

14.  रूह को पनाह : डॉ. अंजु दुआ जैमिनी (हिंदी )
        अनुदित :  Refuge to Soul (प्रकाशनाधीन)

15.   संकलन : शकुंतला शर्मा (हिंदी व् राजस्थानी काव्य)
         अनुदित : Let the Birds Chirp (प्रकाशनाधीन)