Wednesday, September 23, 2026

आग़ोश में लिया है तुम्हें जब


आग़ोश में लिया है तुम्हें जब

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 आग़ोश में लिया है तुम्हें जब

सारी क़ायनात का नूर बाँहों में सिमट आया  है  


तुम  हो हर सू और तेरे इश्क़ का साया है 

ज़ुबां खामोश है, ख़ामोशी को जुबां मिलने लगी है 

तेरे इश्क़ का अजब जादू छाया है 


होश में भी तुम, बेख़ुदी में भी तुम 

सिवा तेरे कुछ न नज़र आया है 


तुम मेरे ख्वाबों की हद, मेरे प्यार की सरहद 

कुछ इस के पार नहीं नज़र आया है/


रजनी छाबड़ा 

24/6/2026

तुम मेरा आईना हो गए

तुम मेरा आईना हो गए 
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तुम मेरा आईना हो गए 

बेमतलब सी ज़िन्दगी का मायने हो गए 


 पलकों पे खुशियों की झलक 

ख्यालों में हर पर संदली महक 


हँसी में उन्मुक्त पाखी की चहक 
झरनों का संगीत, अनकही प्रीत 


पंखों की नींद, नींद के पंख 
तुम हक़ीक़त, तुम्हीं ख्वाब हो गए 

 तुम मेरे आफ़ताब 
तुम्हीं महताब हो गए 


आस विश्वास ,मिलान, जुदाई 
गीत, ग़ज़ल ,प्यार ,तक़रार 
तुम सभी भावों का सार हो गए 

तुम्ही गीत, तुम्ही सुर, तुम्हीं साज़  हो गए 
खामोश हैं लब ,तुम मेरे अलफ़ाज़ हो गए 
तुम मेरी मुक्कमल किताब हो गए/ 




खामोश हैं लब 

तुम मेरी राहत हो गए , तुम मेरी चाहत हो गए Fourth track in Tum Mera Aaina ho gaye

 तुम मेरी राहत हो गए , तुम मेरी चाहत हो गए 

तुम मेरी इबादत , तुम मेरी आयत हो गए 


ज़मीन से फ़लक तलत, जहां भी नज़र जाए 

हर तरफ, हर सू , तू ही तू नज़र आये 


मंज़िल का अब कोई ठिकाना नहीं 

कदम कहीं जाये, दिल कहीं और ले जाये 


इश्क़ की राह पर चलते चलते 

ज़माने के कितने दस्तूर ठुकराए 


तुम हमराह, हम सफर क्या हुए 

हम बैठे हैं खुद को भुलाये/

हे, विंध्यवासिनी !




 हे, विंध्यवासिनी !

हे, विपदा तारिणी !


भटकी हूँ जीवन पथ पर 

नहीं दिख रही मंज़िल 

तुम्ही राह दिखलाओ


माँ बिन कहे जानती हैं 

अपने भक्तों के कष्ट 

सुलझाती हैं बिन कहे 

उनकी समस्या विकट


 हे, विंध्यवासिनी !

हे, विपदा तारिणी !


तुम शक्ति की प्रतीक 

मेरी आस्था तुम्हीं में 

तुम्हीं मेरी प्रीत  


ज़िंदगी की झुलसाती धूप में 

छावं दो अपने आँचल की 

हर लो मेरा संताप 


हे, विंध्यवासिनी !

हे, कष्ट निवारिणी !


हे, विंध्यवासिनी !

हे, विपदा तारिणी !



रजनी छाबड़ा 

गीतकार 

23 /9/2027 

Monday, September 21, 2026

शिव भजन


 शिव भजन 

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अमृत जग में बाँट के, विष का प्याला पीने वाले 

नीलकंठ , हे, नीलकंठ !


भक्तों की खुशियों में , खुश हो के जीने वाले 

नीलकंठ , हे, नीलकंठ !


जटाओं में पावन गंगा विराजे 

कंठ में सर्प का हार साजे 

शिव भजन (RE-EDITED)

 


https://www.youtube.com/watch?v=EO77P0eP02o

 शिव भजन 

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अमृत जग में बाँट के, विष का प्याला पीने वाले 

नीलकंठ , हे, नीलकंठ !


भक्तों की खुशियों में , खुश हो के जीने वाले 

नीलकंठ , हे, नीलकंठ !


जटाओं में पावन गंगा विराजे 

कंठ में सर्प का हार साजे 


भभूत का श्रृंगार किये तुम 

मृग छाल के आसन पर विराजे 


अपनी धुन में मगन तुम 

डम -डम डमरू बाजे 


तुम बसते रोम रोम, सृष्टि के घट घट 

हर लेना मेरी विपत्ति विकट


 तुम संकटहर्ता, विघ्न विनाशक , मंगलकर्ता 

रखना मुझ पर भी वरद हस्त 

नीलकंठ, हे, नीलकंठ !


रजनी छाबड़ा 


श्रीराम की दीवानी

श्रीराम की दीवानी 


भजन : १ 
श्रीराम की दीवानी हो गयी मैं 
तेरे नाम की दीवानी हो गई मैं 

तेरा नाम जपूँ मैं, जपती जाऊं 
तेरे गुणगान में गाऊँ ,गाती जाऊं 

तुझ में ही रमा मन मेरा 
तेरी ही धुन गाती जाऊं, गाती जाऊँ 

रोम रोम में बस  गए तुम 
तुम्हें अब कैसे बिसराऊँ 

तुम्हीं से मेरी सुबह, हे राम !
तुम्हीं से मेरी शाम ,हे राम 

आठों प्रहर जपूँ तेरा नाम 
मोह-माया का अब क्या काम 

सांस की डोर टूटे तो टूटे 
तुमसे नाता कैसे तोड़ पाऊँ 

श्रीराम की दीवानी हो गयी मैं 
तेरे नाम की दीवानी हो गई मैं 

रजनी छाबड़ा 
गीतकार 

17/6/2026

Saturday, September 19, 2026

SUR AUR SAAZ


 

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Friday, September 18, 2026

कुछ यूं

  कुछ यूं हुए , मोहब्बत के सिलसिले 

जैसे नमक पानी में घुले 


याद कीजिये वो दिन

 याद कीजिये वो दिन 

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 याद कीजिये वो दिन 

जज़्बात  उभरा करते थे 

कल-कल करते निर्झर सी 

रवानी लिए 


कलम -कागज़ उठाया

उढेल दिए जज़्बात  

सरलता से लिख डाली 

मन की हर बात 


मुँह -जबानी भी 

शब्दों को मिलती थी  रवानी 

पीढ़ी  दर पीढ़ी 

सुनाए जाते थे 

वीर गाथाएँ और कहानी 


इंसान के दिलऔर दिमाग के बीच 

नहीं था कोई कंप्यूटर 

थिरकती उँगलियों से 

थिरकते जज़्बात  

लिख दिए जाते थे 

बरबस कोरे कागज़ पर 


कंप्यूटर के चलन ने 

बदल दिया लिखने का सलीका 

किताब और पाठक का रिश्ता 

उँगलियों में लग रहे जंग 

और सूखने लगी स्याही 

लेखनी कागज़ के संग 

रह गयी अनब्याही /


Saturday, September 12, 2026

AAGOSH



https://youtu.be/6tAgW0ALImA?si=CD3kSSBp9Apnvlc9

Saturday, September 5, 2026

TUM MERA AAINA

 https://youtu.be/xqpMf1fb5b0?si=X4gu-PjiHJnItHSf