भजन : १
श्रीराम की दीवानी हो गयी मैं
तेरे नाम की दीवानी हो गई मैं
तेरा नाम जपूँ मैं, जपती जाऊं
तेरे गुणगान में गाऊँ ,गाती जाऊं
तुझ में ही रमा मन मेरा
तेरी ही धुन गाती जाऊं, गाती जाऊँ
रोम रोम में बस गए तुम
तुम्हें अब कैसे बिसराऊँ
तुम्हीं से मेरी सुबह, हे राम !
तुम्हीं से मेरी शाम ,हे राम
आठों प्रहर जपूँ तेरा नाम
मोह-माया का अब क्या काम
सांस की डोर टूटे तो टूटे
तुमसे नाता कैसे तोड़ पाऊँ
श्रीराम की दीवानी हो गयी मैं
तेरे नाम की दीवानी हो गई मैं
रजनी छाबड़ा
गीतकार
17/6/2026