Monday, September 21, 2026

शिव भजन


 शिव भजन 

*********

अमृत जग में बाँट के, विष का प्याला पीने वाले 

नीलकंठ , हे, नीलकंठ !


भक्तों की खुशियों में , खुश हो के जीने वाले 

नीलकंठ , हे, नीलकंठ !


जटाओं में पावन गंगा विराजे 

कंठ में सर्प का हार साजे 

शिव भजन (RE-EDITED)

 


https://www.youtube.com/watch?v=EO77P0eP02o

 शिव भजन 

*********

अमृत जग में बाँट के, विष का प्याला पीने वाले 

नीलकंठ , हे, नीलकंठ !


भक्तों की खुशियों में , खुश हो के जीने वाले 

नीलकंठ , हे, नीलकंठ !


जटाओं में पावन गंगा विराजे 

कंठ में सर्प का हार साजे 


भभूत का श्रृंगार किये तुम 

मृग छाल के आसन पर विराजे 


अपनी धुन में मगन तुम 

डम -डम डमरू बाजे 


तुम बसते रोम रोम, सृष्टि के घट घट 

हर लेना मेरी विपत्ति विकट


 तुम संकटहर्ता, विघ्न विनाशक , मंगलकर्ता 

रखना मुझ पर भी वरद हस्त 

नीलकंठ, हे, नीलकंठ !


रजनी छाबड़ा 


श्रीराम की दीवानी

श्रीराम की दीवानी 


भजन : १ 
श्रीराम की दीवानी हो गयी मैं 
तेरे नाम की दीवानी हो गई मैं 

तेरा नाम जपूँ मैं, जपती जाऊं 
तेरे गुणगान में गाऊँ ,गाती जाऊं 

तुझ में ही रमा मन मेरा 
तेरी ही धुन गाती जाऊं, गाती जाऊँ 

रोम रोम में बस  गए तुम 
तुम्हें अब कैसे बिसराऊँ 

तुम्हीं से मेरी सुबह, हे राम !
तुम्हीं से मेरी शाम ,हे राम 

आठों प्रहर जपूँ तेरा नाम 
मोह-माया का अब क्या काम 

सांस की डोर टूटे तो टूटे 
तुमसे नाता कैसे तोड़ पाऊँ 

श्रीराम की दीवानी हो गयी मैं 
तेरे नाम की दीवानी हो गई मैं 

रजनी छाबड़ा 
गीतकार 

17/6/2026