कृष्णा संग राधे
************
यह नेह नेह के धागे
बाँधे हैं कृष्णा संग राधे
बासुरीं की तान पर मन मयूर नाचे
सुध बुध खो बैठें गोपियाँ और राधे
फूल -पत्ते झूमते, झूमती हवाएं
सुरीली तान जब कानों में बाजे
न दिन की सुध, न रात की
छम छम पायल की धुन गूंजे वृन्दावन में
कृष्णा , राधा और गोपियाँ जब नाचे
रजनी छाबड़ा
गीतकार
13 /7 /2027