लहरिया ओढ़ा तेरे नाम का
खुशियों के सब रंग ओढ़ लिए
लाल रंग प्यार का विस्तार
केसरिया शुचिता का आधार
पीला रंग सुनहली धूप का आभास
नीला रंग तेरे प्रेम सरीखे गगन का विस्तार
हरित रंग जीवन में हरीतिमा
सावन के झूलों के संग हिलोरे लेती मैं
तेरे प्यार की पींग में झूलती
तन मन की सुध भूलती
कान्हा, मेरे कान्हा, मेरे कान्हा
दिन रात बस तेरी आराधना
सारी दुनिया बिसरा दी
सुन तेरी बांसुरी की तान
रजनी छाबड़ा
बहु भाषीय कवयित्री व् गीतकार
14 /8 /2026
