Thursday, August 13, 2026

लहरिया ओढ़ा तेरे नाम का

  



लहरिया ओढ़ा तेरे नाम का 

खुशियों के सब रंग ओढ़ लिए 

लाल रंग प्यार का विस्तार 

केसरिया शुचिता का आधार 

पीला रंग सुनहली धूप का आभास 

नीला रंग तेरे प्रेम सरीखे गगन का विस्तार 

हरित रंग  जीवन में हरीतिमा 


सावन के  झूलों के संग हिलोरे लेती मैं 

तेरे प्यार की पींग में झूलती 

तन मन की सुध भूलती 


कान्हा, मेरे कान्हा, मेरे कान्हा 

दिन रात बस तेरी आराधना 


सारी दुनिया बिसरा दी 

सुन तेरी बांसुरी की तान  


रजनी छाबड़ा 

बहु भाषीय कवयित्री व् गीतकार 


14 /8 /2026 

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