सशक्त
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मधुमखियाँ संयुक्त प्रयास से
बनाती शहद का छत्ता
क़तरा क़तरा
प्रवाहित होता
पिघलते हिमखंड से
और नदी का रूप लेता
नदियाँ समाती जाती
सागर में
और सागर बन जाता
असीम, अथाह
जन मत का सागर भी
कुछ ऐसा ही है
एकजुटता से
बनता सशक्त /
रजनी छाबड़ा